सिरदर्द से बचने के लिए आहार में लाएं ये परिवर्तन 

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Image Credits: Medical News Today

जिन लोगों को सिरदर्द की शिकायत रहती है, उनमें से 75 प्रतिशत महिलाएं होती हैं। सिरदर्द होना दरअसल कई कारणों पर निर्भर करता है; अनुवंश, परिवार का रहन-सहन, वातावरण में बदलाव, तेज़ गंध, तेज़ रोशनी व् माहवारी। पर हममें से ज्यादातर लोग यह नहीं जानते की सिरदर्द होने का एक बड़ा कारण हमारा आहार भी है।

अगर आपको अक्सर सिरदर्द की शिकायत रहती है, तो आहार शैली में इन परिवर्तनों को अपनाकर आप इनसे छुटकारा पा सकते हैं-

अदरक का उपयोग 

अदरक हमारे शरीर में उस हॉर्मोन को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है जो दर्द का एहसास करवाता है। एक चम्मच ताज़ा अदरक या अदरक का अचार लें, इसमें नींबू छिडकें तथा काला नमक डालें और इसे चबाएं। सिरदर्द शुरू होते ही अगर आप यह उपाय कर लें तो आप बढ़े सिरदर्द और माइग्रेन से बच पाएंगे।

अलसी का पाउडर 

रोजाना पीसी हुई अलसी खाएं। इनमें लिनोलेनिक अम्ल होते हैं जिससे दर्द महसूस करवाने वाले हॉर्मोन पर नियन्त्रण बनाया जा सकता है। सिरदर्द से अक्सर जूझने वाले लोग अलसी को तवे पर सेककर पीस सकते हैं तथा इसे रोजाना एक से दो चम्मच ले सकते हैं। आप चाहें तो स्वाद बढाने के लिए अलसी के पाउडर में नमक और मिर्च भी डाल सकते हैं।

प्रोटीन का सेवन करें

खाने में प्रोटीन की मात्रा बढाएं। नियमित रूप से मछली का सेवन करें तथा स्नैक्स में पनीर, टोफू, बादाम, मूंगफली आदि को शामिल करें। इन आहारों से रक्त में शक्कर के स्तर संतुलित रखने में मदद मिलेगी जिससे शक्कर कम होकर सिरदर्द की शिकायत नहीं होगी।

तनाव और मैग्नीशियम 

अगर आप अक्सर तनाव में रहते हैं तो आपका सिरदर्द इस वजह से भी हो सकता है। तनाव रहने पर शरीर में मैग्नीशियम तेज़ी से कम हो जाता है। इसलिए सिरदर्द रहने पर मैग्नीशियम युक्त आहार लें; ज्यादा बादाम, ब्राउन राइस, जवार, रागी, दाल, सूखे मेवे व् हरी पत्तेदार सब्जियां लें।

शरीर की सफाई 

कई बार शरीर में विषाक्त तत्वों के जमने से सिरदर्द रह सकता है। ऐसा होने पर आपको डीटोक्सीफाई करने की ज़रूरत होगी।