नाख़ून चबाने की आदत इस तरह बिगाड़ सकती है आपकी सेहत

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image credits: hips.hearstapps.com

नाख़ून चबाना एक गलत आदत से कहीं बढकर है, यह आपकी सेहत को बिगाड़ती भी है। अक्सर लोग घबराहट या चिंता महसूस करने पर अनजाने में नाख़ून चबाने लगते हैं जो की आपकी असंतुलित मनःस्थिति को दर्शाता है। पर इससे बढकर नाख़ून चबाना आपको कई और समस्याएँ भी दे सकता है-

 

आप कीटाणु खाते हैं 

आपके नाखूनों में कई तरह की गंदगी और मिट्टी जमी रहती है जिनमें कीटाणु भी रहते हैं। अगर आप दिन में 3-4 बार हाथ धोते हैं तो भी यह सुनिश्चित करने का कोई तरीका नहीं है की सभी कीटाणु धुल चुके हैं। ऐसे में अगर आप नाखूनों को मुँह में डालते हैं तो आप इन कीटाणुओं को शरीर के अंदर जाने देते हैं। ऐसा करना आपको पेट दर्द, बुखार व् कई बड़ी बीमारियाँ दे सकता है।

 

आपके नाखूनों में पीड़ादायक संक्रमण हो सकता है 

नाख़ून चबाने से कीटाणु एक नाख़ून से दुसरे में भी फ़ैल सकते हैं। ऐसे में नाखूनों के आस-पास नर्म कोशिकाओं में संक्रमण हो सकता है। इस रोग को परोंच्या कहा जाता है जिसमें आप नाखूनों के आस-पास कोशिकाओं में लालपन, सुजन और दर्द महसूस करते हैं। अगर यह संक्रमण बैक्टीरिया से हुआ है तो कोशिकाओं में मवाद भी बन सकता है। इसी तरह वायरस आपको मस्से और फोड़े दे सकते हैं।

 

आपके दांतों को नुकसान होता है तथा साँसों में भी बदबू आने लगती है 

नाख़ून चबाना ही नहीं, बल्कि खाना खाने के अलावा दांतों को किसी और काम के लिए भी औजार की तरह उपयोग नहीं करना चाहिए। रोजाना नाख़ून चबाना आपके दांतों का आकार और जगह बदल सकता है तथा इनेमल को भी नुकसान पहुंचा सकता है। नाखूनों में जमे कीटाणु भी दांतों और मसूड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। साथ ही इन कीटाणुओं की वजह से आपकी साँसों में भी बदबू बनी रह सकती है।

 

दोहरे नाख़ून की संभावना भी बढ़ सकती है 

अगर आप लम्बे समय से नाख़ून चबा रहे हैं तो संभावना है की हर बार अप पिछली बार से थोड़ा ज्यादा नाख़ून काटेंगे। ऐसे में आप नर्म चमड़ी भी काट सकते हैं। ऐसा होने पर नाख़ून के आस-पास छोटे छोटे घांव होने लगते हैं जिनमें आसानी से संक्रमण हो सकता है। इनसे बचने के लिए नाखूनों के आस-पास मॉइस्चराइजर लगाना शुरू करें।

नाख़ून चबाने से एक ही जगह से दो नाख़ून भी निकल सकते हैं जो की पीड़ादायक और सुजन की वजह बनते हैं। इन्हें हटाने के लिए ऑपरेशन का सहारा लें पड़ता है।

 

अगर आप नेल पोलिश खा लेते हैं तो शरीर में टोक्सिन प्रवेश करते हैं 

अगर आप नील पोलिश लगाते हैं और फिर भी नाख़ून चबाते हैं, तो आप सिर्फ अपना नेल आर्ट ही खतरे में नहीं डाल रहे। इन्हें मुँह में डालने पर शरीर में नुकसानदायक केमिकल पहुँचते हैं जो कई तरह से आपके अंदरूनी अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं। पेंट की जगह जेल पर आधारित नेल पोलिश और भी खतरनाक होती है।

ये सभी वजहें अपने-आप में बड़ी चेतावनियाँ हैं। इसलिए अगर आप नाख़ून चबाने की आदत रखते हैं तो आज से ही संकल्प लेकर इस आदत को बदलने की कोशिश शुरू कर दें। साथ ही ध्यान करना तथा तनाव कम करने की कोशिश करना भी आपको इस राह में मदद करेगा।