पसीना रोकने के प्राकृतिक तरीके

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image credits: My Beauty Gym

एन्टीपरस्पिरैंट ऐसे प्रसाधन होते हैं जिन्हें आप लगाकर शरीर से निकलने वाले पसीने को कम कर सकते हैं। अक्सर इन्हें डिओडरंट में मिलाकर बेचा जाता है लेकिन आप इन्हें अपने वास्तविक रूप में भी खरीद सकते हैं। (pasina rokne ke gharelu upay, how to control excessive sweating in hands and feet, face)

 

बाजार में उपलब्ध ज़्यादातर एन्टीपरस्पिरैंट पसीना रोकने के लिए रसायनों का प्रयोग करते हैं जो दरअसल शरीर के लिए विषैले तत्व होते हैं तथा कैंसर का कारण भी बन सकते हैं। अगर आप अत्यधिक पसीने की समस्या से परेशान हैं तो ऐसे प्रसाधनों की जगह हर्बल एन्टीपरस्पिरैंट ज़रूर आज़माएँ। ये ऐसी जड़ी बूटियां होती हैं जिनके उपयोग से पसीने की समस्या से राहत भी मिल सकती है लेकिन कोई दुष्प्रभाव नहीं होता।

 

आइये ऐसी ही जड़ी-बूटियों के बारे में जानें-

 

सेज का तेल 

यह तेल अत्यधिक पसीना आने की समस्या का अच्छा उपाय है। इतना ही नहीं, इसे महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। सदियों से इस तेल का उपयोग महिलाओं को मीनोपॉज और मासिक धर्म की समस्याओं से निजात दिलाने के लिए सुझाया जाता है।

आप इस तेल को शरीर के उन हिस्सों को लगा सकते हैं जहाँ बहुत पसीना आता हो। यह कीटाणु-विरोधी भी है और बदबू को दूर करने का काम करता है।

शरीर में हॉर्मोन असंतुलित होने पर अक्सर आपको बिना वजह पसीना आ सकता है। ऐसे में सेज का उपयोग आपको पसीने की समस्या से निजात दिला सकता है।

 

सिस्ट्स का तेल 

यह तेल कई सौन्दर्य प्रसाधनों का मुख्य घटक है। यह कई तरह हेमरेज को रोकने में प्रभावी भी है। इसे अक्सर उम्र के लक्षणों को दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है।

यह तेल पसीना रोकने के लिए रोमछिद्रों को बंद नहीं करता। आप इसे जिन हिस्सों में लगाएँगे उन हिस्सों में यह अपने गुणों की वजह से पसीने का स्त्राव कम कर देगा। इस तरह आपको अत्यधिक पसीने से भी राहत मिलेगी लेकिन शरीर का प्राकृतिक तन्त्र भी बिना रुके चलता रहेगा।

यह तेल कीटाणु और फफूंद को खत्म करने का काम भी करता है।  इस तरह यह पसीने की बदबू को भी कम करता है।

 

पल्मारोसा 

इस तेल को प्राकृतिक डियोड्रेंट माना जाता है। इसकी मीठी, मनभावन खुशबु के अलावा यह पसीना रोकने में भी बड़ी मदद करती है। यह फफूंद और कीटाणु विरोधी है ; इसे आप उन जगहों पर लगाएं जहाँ अक्सर बहुत पसीना होने की वजह से खुजली और संक्रमण की संभावना बनी रहती है।

साथ ही यह तेल बदबू को दूर भगाते हैं। यह तेल आपको कई तरह के चर्म रोगों से भी बचा सकता है।

 

आप इन तेलों का उपयोग सीधे अपनी त्वचा पर कर सकते हैं या अन्य तेलों में मिलाकर मनचाही खुशबु भी बना सकते हैं।