जानिए क्या है पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज़़ (PID), करें समय पर ईलाज

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image credits: जच्चा और बच्चा

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज महिलाओं के जननांगों में होने वाला एक संक्रमण है। आपका पेल्विस या पीडुभाग आपके पेट के निचले हिस्से में होता है तथा फल्लोपियन ट्यूब, ओवरी, सर्विक्स और युटेरस से बना होता है। देखा जाता है की अक्सर बैक्टीरिया योनी से प्रवेश करता है तथा धीरे-धीरे बाकी अंगों को संक्रमित करता है। यह बीमारी हर साल लाखों महिलाओं को प्रभावित करती है तथा गम्भीर होने पर रक्त में पहुँच कर जानलेवा भी साबित हो सकता है।

 

ज़रूरी है की इस बीमारी को समझा जाए और इससे बचने के उपाय किये जाएं-

 

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज का खतरा किसे है?

अगर आपको गोनोरिया या क्लामेडिया है तो आपको इस बीमारी के होने का खतरा ज्यादा है। पर आपको बिना किसी यौन रोग के भी यह बीमारी हो सकती है।

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज का खतरा आपको है अगर आप-

  • 25 से कम उम्र की हैं और यौन रूप से सक्रीय हैं।
  • एक से ज्यादा लोगों के साथ यौन सम्बन्ध रखती हैं।
  • बिना कंडोम के सम्बन्ध बनाती हैं।
  • गर्भावस्था से बचने के लिए किसी तरह के इंटरउटेराइन डिवाइस (IUD) का उपयोग करती हैं।
  • पिडूभाग के रोग से पूर्व में ग्रसित रही हैं।

 

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज के लक्षण क्या हैं?

कई महिलाओं में इस रोग के कोई लक्षण नजर नहीं आते। वहीं कुछ महिलाओं में यह लक्षण नजर आ सकते हैं-

  • पेट के निचले हिस्से में दर्द
  • पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द
  • बुखार
  • यौन सम्बन्धों के दौरान पीड़ा होना
  • पेशाब करने में पीड़ा होना
  • मासिकधर्म अनियमित रहना
  • योनी से बदबूदार द्रव्य स्त्रावित होना
  • थकान महसूस होना

 

कई महिलाओं में उलटी होना तथा बेहोशी आना जैसी समस्याएँ भी आ सकती हैं।

 

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज की जांच कैसे होती है?

इस रोग को पहचानने के दो चरण होते हैं-

आपको रोग है या नहीं-

आपके लक्षणों को सुनने के बाद चिकित्सक आपको इस रोग की जांच करवाने को कहेंगे। इसमें यूरिन टेस्ट, पेल्विक टेस्ट या सर्वाइकल कल्चर शामिल हो सकते हैं।

रोग कितना फ़ैल चूका है-

आप इस रोग से ग्रसित से हैं यह पता लगाने के बाद चिकित्सक अल्ट्रासाउंड या बायोप्सी करवाने के लिए कह सकते हैं।

 

इसका उपचार क्या है?

ज्यादातर मामलों में पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज का उपचार एंटीबायोटिक के ज़रिये किया जाता है। कई बार एक से ज्यादा तरह के एंटीबायोटिक भी दिए जा सकते हैं।

उपचार शुरू होने के कुछ दिन के अंदर ही आप लाभ महसूस करेंगे। पर इस समय उपचार रोक देने से संक्रमण वापस आ सकता है।

अगर आप बहुत बीमार हैं, गर्भवती हैं या गम्भीर रोग से पीड़ित हैं तो चिकित्सक आपको हॉस्पिटल में भर्ती भी करवा सकते हैं।

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पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज से बचने के तरीके 

आप उपायों को अपनाकर पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज के लक्षणों को कम कर सकते हैं-

  • सुरक्षित यौन सम्बन्ध बनाएं
  • यौन रोगों की जांच करवाते रहें
  • योनी को साफ़ रखने के लिए पानी के अलावा किसी और चीज़ का उपयोग न करें
  • शौच के बाद मॉल द्वार को इस तरह साफ़ करें की बैक्टीरिया योनी में प्रवेश न कर पाए।