इन प्राणायामों से पाएं शांत मन और बेहतर जीवन

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हम हर पल सांस ले रहे हैं, बिना सोचे, बिना कोई कोशिश किये। सांस जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। शरीर की हर कोशिका को ऑक्सीजन की ज़रूरत होती है जो उन्हें सांस से ही मिलती है। इस तरह सांस को प्राण कहा जाता है।

प्राणो के दायरे को बढ़ाने की क्रिया को प्राणायाम कहते हैं। योगिक दृष्टि से इसके कई लाभ हैं लेकिन आपके नित्यजीवन में भी प्राणायाम बेहतरीन लाभ दे सकता है। इसलिए रोज़ाना इन 4 प्राणायामों का अभ्यास करें और जल्द लाभ देखें।

अनुलोम विलोम 

यह प्राणायाम आपके स्नायु तंत्र को शांत कर गहरी नींद देता है। शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाकर यह आपका खून भी साफ़ करता है, मन शांत करता है, तनाव घटाता है तथा ध्यान बेहतर करता है।

इस प्राणायाम को आप दिन में कभी भी कर सकते हैं। जब आप चिंतित हों, घबरा रहे हों या सोने में असमर्थ हों तो इस का अभ्यास करें।

कपालभाति प्राणायाम 

इसका अर्थ होता है चेहरे पर चमक लाने वाला प्राणायाम। यह प्राणायाम के साथ ही अंदरूनी रूप से सफाई करने वाली क्रिया भी है। कपालभाति की मदद से नासिका से कफ साफ़ होता है, पेट का फूलना कम होता है तथा फेफड़ों की क्षमता बेहतर होती है। साथ यह शरीर में गर्माहट पैदा करती है।

इस प्राणायाम का अभ्यास आप सुबह कर सकते हैं। जब आप आलस्य या ठंड महसूस करें तो भी इस प्राणायाम को आज़माएँ। अगर आपका पेट फुला हुआ है तो भी इसका अभ्यास करें। पर कभी भी भरे पेट इस प्राणायाम का अभ्यास न करें। गर्भवती, हृदयरोगी और बीपी के रोगी होने पर इसका अभ्यास न करें।

उज्जयी प्राणायाम 

उज्जयी का मतलब है विजेता; यह प्राणायाम समुद्र जैसी आवाज़ के लिए जाना जाता है। इसका उपयोग कई बार आसन सिद्धि में भी होता है। उज्जयी फेफड़ों को पूरी क्षमता से काम करने में मदद करती है तथा मन शांत करती है।

इस आसन का अभ्यास दिन में कभी भी 10 मिनट के लिए करें।

सीतलि प्राणायाम 

सीतलि का मतलब है ठंडा करने वाली। यही असर इस प्राणायाम का आपके शरीर और मन पर भी होता है। यह आपके शरीर की अतिरिक्त गर्मी को बाहर करता है और गर्म मौसम में बहुत ही लाभकारी है।

अगर आप चिड़चिड़ाहट, गर्मी या अधीरता महसूस कर रहे हैं तो इस प्राणायाम का अभ्यास करें।