वर्षा ऋतु और सेहत

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image credits: doctorinsta.com

वर्षा ऋतु हमारे लिए हजार नेमते लेकर आती है, लेकिन मुश्किलें भी कम नहीं। वर्षा ऋतु में शरीर का मेटाबालिज़्म कम जाता है जिससे हमारी पाचन क्षमता को प्रभावित होती है। जगह जगह गन्दा एकत्र होने से मच्छरों और अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ जाता है जिससे कईं गंभीर बिमारियों के उत्पन्न होने का खतरा रहता है।

 
वरिष्ठ चिकित्सक ने प्रस्तुत लेख में वर्षा ऋतु में शरीर पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों, उनसे उत्पन्न होने वाली कुछ बीमारियों और इस मौसम में बरतने वाली सावधानियों की चर्चा की है।

 

वर्षा ऋतु में शरीर पर होने वाले प्रतिकूल प्रभाव- पाचन क्रिया के दुर्बल हो जाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। जिससे अस्वस्थ होने की संभावना बढ़ जाती है।

 

वर्षा ऋतु में होने वाले संभावित विकार- टाईफाईड, फूड पाॅइजनिंग, सर्दी, जुकाम, कफ, चर्म रोग, डेंगू, दाद, उल्टी, वायरल, अस्थमा, मलेरिया, दस्त, नैत्र रोग आदि।

 

नहीं खाने वाले खाद्य पदार्थ-

  • बाजार की खुल्ली चीजें।
  • मसालेदार आहार।
  • अधिक तरल पदार्थ।
  • तेलीय खाद्य पदार्थ।
  • फ्रिज की चीजें व आईसक्रिम।
  • अधिक खट्टे पदार्थ।
  • मांस-मछली।
  • देर से पचने वाला भोजन।