सौंफ खाना पचाने, आंखों की रोशनी बढ़ाने जैसी 8 आम समस्याओं में है कारगार

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सौंफ यह लगभग हर एक के रसोईघर में मुख्य रूप से पाया जाने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण तथा अत्यधिक सुगंधित खादयपदार्थ है। (saunf benefits in hindi, during pregnancy) सौंफ को यदि अचार के मसाले को तैयार करने में इस्तेमाल किया जाए तो अचार बहुत ही स्वादिष्ट बनता है। सौंफ की तासीर ठंडी होती है। अतः गर्मियों के मौसम में सौंफ का प्रयोग करना बहुत ही उचित होता है।

यूँ तो सौंफ का प्रयोग हम सालभर करते ही रहते हैं। सौंफ का प्रयोग इत्र के निर्माण करनें में भी किया जाता है। स्वास्थ्य तथा सौंदर्य की दृष्टी से सौंफ एक बहुत ही प्रभावशाली औषधि मानी गई है। सौंफ में सोडियम, पौटेशियम तथा कैल्शियम पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं, जो हमारे शारीरिक सेहत को बनाये रखने में काफी उपयोगी होते हैं। खाना खाने के बाद लोगों को सौंफ खाने की आदत होती है। सौंफ मुँह में जाते ही एक माउथफ्रेशनर का काम करने लगती है।

आइये हम देखें की सौंफ खाने ले किस प्रकार से हमारे शारीरिक स्वास्थ्य को लाभ पहुँच सकता है।

1) सौंफ एक बहुत ही बेहतरीन प्रकार का माउथ फ्रेशनर है। इस को खाने से मुँह से आने वाली बदबू दूर होती है। यह हमारे मुँह के अंदर सलीवा की मात्रा को बढाता है, जिसकी सहायता से हमारे मुँह के अंदर से खादयपदार्थ के कण निकलने लगते हैं तथा पाचन क्रिया सुनियमित होने लगती है। सौंफ में जीवाणु विरोधी तथा एंटी इनफ्लामेंटरी गुण भी पाए जाते है। जिसकी वजह से सांस की बदबू पैदा करनेवाले कीटाणुओं से छुटकारा मिलता है तथा मसुडों में संक्रमण भी नहीं होता।

2) सौंफ में अग्निवर्धक होने के गुण पाए जाते हैं जिसके कारण सौंफ का खाना पाचनशक्ति के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। यह हमारे शरीर में अपचन की समस्या को होने से रोकता है। तथा पेटसंबंधी अन्य तकलीफें जैसे पेट का फूलना, गैस, बदहजमी को भी दूर करने में काफी सहायक माना जाता है। सौंफ में रेशों की मात्रा पर्याप्त रूप से पाई जाती है। जिससे हमें कब्ज होने की शिकायत से भी राहत मिलता है।

3) सौंफ की सहायता से शरीर में रक्तस्राव को नियंत्रित तथा विनियमित होने में सहायता प्राप्त होती है जिसकी वजह से महिलाओं को मासिक धर्म में होने वाली असुविधाओं तथा दर्द से राहत मिलने लगती है तथा मासिक धर्म के दौरान होने वाला रक्तस्राव भी नियंत्रण में रहता है।

4) सौंफ में आयर्न, कॉपर, तथा हीस्टीडीन अत्याधिक मात्रा में पाए जाते है। यह तीनों ही तत्व हमारे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए अति आवश्यक हैं। सौंफ खाने से हमारे शरीर में आयरन की मात्रा में वृद्धि होती है तथा हीमोग्लोबीन का निर्माण होने लगता है। गर्भवती महिलाओं के लिए नियमित रूप से सौंफ खाना बहुत ही सर्वश्रेष्ठ माना गया है। सौंफ खाने से उन्हें शारीरिक कमजोरी के कारण होनेवाले दुष्प्रभावों से सुरक्षा प्रदान होती है।

5) सौंफ में मूत्रवर्धक होने के गुण पाए जाते है जिसकी वजह से शारीरिक पाचनक्रिया का विकास होता है, तथा शरीर में चयापचय की मात्रा में भी वृध्दि होती है। यह शारीरिक वजन को कम करने का एक बहुत ही बढिया तथा प्राकृतिक तरीका है। सौंफ को खाने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा भी कम होने लगती है।

6) सौंफ में नाइट्राईट तथा नाइट्रेड नामक दो अति आवश्यक तत्व पाए जाते हैं। जो हमारे शरीर में पाए जाने वाले रक्तवाहिनियों से नई रक्त वाहिनियों का निर्माण करने में सक्षम होते हैं। इस तरह से एक प्राकृतिक रूप से हमारे शरीर का रक्तचाप नियंत्रित रहता है। इसके अलावा सौंफ में पौटेशियम की भी अत्याधिक मात्रा पाई जाती है। पौटेशियम हमारे हृदय कि गति तथा रक्तचाप को नियंत्रण में बनाये रखने के लिए बहुत ही सहायक माना जाता है।

7) सौंफ को नियमित रूप से खाने से हमारे आंखों को स्वस्थ्य बने रहने में सहायता प्राप्त होती है। यदि सौंफ तथा मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर पीसा जाए तथा इस मिश्रण को दिन में दो बार नियमित समय पर पानी के साथ लिया जाए तो इससे आंखों की रोशनी बढती है, तथा आंखों में पाई जाने वाली कमजोरी भी दूर होने लगती है।

8) सौंफ एक अतिशय ही स्वास्थ्यवर्धक होने के साथ साथ हमारी त्वचा के सौंदर्य को भी बढाने में सहायक है। प्रतिदिन नियमित रूप से सौंफ खाने से हमारे शरीर में रक्त का शुद्धिकरण होता है। चेहरे पर होने वाले कील मुंहासों से भी छुटकारा मिलता है तथा त्वचा दागधब्बे रहित होकर आपकी त्वचा में एक नई चमक सी आने लगती है। चेहरे की त्वचा पर होनेवाली झुर्रियां भी कम होने लगती है तथा आपकी त्वचा स्वस्थ्य तथा खिली खिली सी रहने लगती है।