तिल और तिल के तेल से होने वाले शरीर को 10 अनमोल फायदे

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image credits: oil-press-machine.com

तिल का हमारे रोजमर्रा के खानपान में एक अपना ही अलग महत्व है। (til oil ke use, fayde) तिल की तासीर अत्यंत ही गरम होती है। सर्दियों के मौसम में तिल का सेवन अधिक उपयुक्त माना जाता है क्योंकि सर्दियों के मौसम में तिल को खाने से शरीर को एक प्रकार की ऊर्जा प्राप्त होती है। ठंड के मौसम में तिल के तेल की मालिश की जाए तो शरीर में गर्मी आती है तथा ठंड से बचाव होता है।

तिल का तेल भी अत्यंत ही गुणवर्धक माना जाता है। तिल मुख्यतः दो प्रकार का पाया जाता है सफेद तथा काला। तिल एक अत्यंत ही शरीर को पोषण प्रदान करनेवाला खाद्यपदार्थ है जिसमें विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, कैल्शियम, बी कॉम्पलेक्स तथा कार्बोहाइड्रेट पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। तिल सफेद हो या काला इसका हर एक दाना सेहत से भरपूर होता है।

तिल में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्वों का समावेश होने के कारण यह हमारी त्वचा को भी स्वस्थ तथा सुंदर बनाए रखने में काफी सहायक होता है। तिल का अपना ही एक पारंपरिक महत्व भी है। मकरसंक्रांति के त्यौहार के दिन लोग बडे पैमाने पर तिल के लड्डू बनाते हैं तथा बांटते हैं। तिल का उपयोग विविध प्रकार के मीठे तथा नमकीन व्यंजनों के स्वाद को बढाने के लिए किया जाता है।

तिल का नियमित रूप से सेवन करना हमारे शारीरिक स्वास्थ्य के लिए काफी लाभवर्धक साबित हो सकता है। इस लेख में हम तिल में पाए जाने वाली विशेषताएँ तथा उनमें पाए जाने वाले विभिन्न स्वास्थ्य गुणों के बारे में जानकारी हासिल करेंगे।

1) तिल में folic acid की अत्यधिक मात्रा पाई जाती है जिसकी वजह से हमारे शरीर में Bad cholesterol को कम करने में तथा good cholesterol की मात्रा में वृद्धि करने में काफी सहायता प्राप्त होती है। जिससे हमारे शरीर में स्वस्थ वसा की मात्रा बनी रहती है तथा हमारे शरीर को विभिन्न प्रकार की हृदय की बीमारीयों को होने से भी सुरक्षा प्रदान होती है।

2) तिल में मैग्नेशियम तथा phytate नामक तत्व पाए जाते हैं जिनमें कैंसर विरोधी होने की विशेषता पाई जाती है। तिल हमारे शरीर में colorectal ट्यूमर तथा colorectal कैंसर को होने के खतरे को कम करने के लिए एक बहुत ही प्रभावशाली उपाय माना गया है।

3) तिल में रेशों की मात्रा अत्यधिक पाई जाती है जिसकी वजह से तिल हमारी पाचनशक्ति को स्वस्थ बनाए रखता है। तिल में पाए जाने वाले रेशों की वजह से हमारी शारीरिक आंत सुचारू रूप से कार्य करने लगती हैं तथा हमारे शरीर में से विषैले पदार्थों का निष्कासन सुविधाजनक रूप से होने लगता है तथा कब्ज की समस्या से भी राहत मिलने लगती है।

4) तिल में कैल्शियम की मात्रा अत्यधिक पाई जाती है। कैल्शियम हड्डियों का स्वास्थ्य बनाए रखने का एक अत्यंत ही आवश्यक तथा महत्वपूर्ण खनिज है। तिल में zinc की भी पर्याप्त मात्रा पाई जाती है जिसकी वजह से हड्डियों के घनत्व को बढावा प्राप्त होता है। तिल को खाने से हमारी हड्डियों को मजबूती प्रदान होती है तथा हडिडियाँ भी स्वस्थ रहती हैं।

5) तिल तथा तिल का तेल हमारे दाँतों के लिए भी बहुत ही फायदेमंद है। यह हमारे दातों में होने वाली मैल को दूर करके हमारे दाँतों को सफेद बनाने में सहायक हैं। तिल तथा तिल के तेल के नियमित सेवन से हमारे दाँतों का भी स्वास्थ्य बना रहता है।

6) तिल एक अत्यंत ही प्रभावशाली विषनाशक खाद्यपदार्थ है। अल्कोहल तथा अन्य विषैले पदार्थों के हमारे शरीर पर होने वाले दुष्प्रभावों को दूर करने में यह हमारे लीवर की सहायता करता है। किसी भी पदार्थ के कारण होने वाले शरीर में दुष्परिणामों को रोकने की क्षमता तिल में पाई जाती है।

7) तिल खाने से हमारे लीवर को सुचारू रूप से कार्य करने में सहायता प्राप्त होती है। काले तिल को खाने से हमारे लीवर में रक्त की मात्रा में वृद्धि होने लगती है। काले तिल में आँखों की थकावट, धुंधली दृष्टि तथा खुष्क आंखे जैसी पाई जाने वाली आंखों की समस्याओं को दूर करने के चिकित्सीय गुण पाए जाते हैं।

8) काले तिल हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान करने, मस्तिष्क का पोषण करने तथा बढती हुई उम्र को रोकने में बहुत ही उपयोगी हैं। नियमित रूप से काले तिल खाने से पीठ में होने वाले दर्द के लक्षणों में कमी आने लगती है। काले तिल हमारे जोडों में होने वाले असहनीय दर्द तथा उनमें होने वाली जकडन की समस्या से भी राहत दिलाते हैं।

9) तिल का नियमित सेवन हमारी त्वचा के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत ही फायदेमंद है। यदि आप तेज धूप में कहीं बाहर जा रहे हो तो तिल का तेल अपनी त्वचा पर अवश्य ही लगाकर जाए। इससे आपकी त्वचा को सूर्य की तेज किरणों से हानि होने से सुरक्षा प्राप्त होती है। तिल के तेल का नियमित उपयोग करने से त्वचा के कैंसर होने की संभावना भी कम हो जाती है। तिल का तेल प्राकृतिक रूप से आपकी त्वचा की विभिन्न प्रकार के प्रदूषणों से होनेवाले दुष्प्रभावों से रक्षा करता है।

10) तिल में विभिन्न प्रकार के विटामिन्स, पोषक तत्व तथा खनिजपदार्थ पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं जो बालों का स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए अत्यंत ही आवश्यक माने जाते हैं। तिल के तेल को नियमित रूप से बालों में लगाने से बालों संबंधी सारी समस्याएँ दूर होने लगती हैं। तथा बालों की भी वृद्धि होने में सहायता प्राप्त होती है।