सोमवार से रविवार, रोज लें शाकाहारी आहार, क्योंकि इसके हैं फायदे हज़ार

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image credits: HungryForever

शाकाहारी आहार प्रणाली अपनाना बेहतर सेहत की और आपका सबसे महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। (benefits of vegetarian food, diet in hindi, shakahari bhojan ke labh, fayde) शाकाहारी भोजन को फाइबर, फोलिक अम्ल, विटामिन C और E, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर माना जाता है। इसका अर्थ है की शाकाहारी व्यक्ति कम कोलेस्ट्रॉल, कम मोटापा, कम रक्तचाप और ह्रदय रोग की घटी आशंका का लाभ उठाता है।

 

शाकाहारी जीवनशैली के कई और लाभ हैं, आइये इन पर नज़र डालें-

 

मनोदशा सुधार सकता है-

जानवरों के मांस से मिलने वाला अरकाइदोनिक अम्ल शाकाहारी खाने में कम पाया जाता है। यह अम्ल मनोदशा में असंतुलन पैदा कर सकता है जिससे शाकाहारी बेशक बच जाते हैं। एक शोध के अनुसार मांसाहारी व्यक्ति के आहार में अंडा, मांस, मछली आदि को निषेध कर दिया जाए तो उसकी मनोदशा में सुधार देखने को मिलता है। इतना ही नहीं, अन्य शोध के अनुसार शाकाहारी व्यक्तियों में मनोरोग होने का खतरा कम देखा गया है।

 

सोराइसिस ठीक हो सकता है-

सोराइसिस एक चर्मरोग है जिसमे त्वचा पर लालपन और खुजली होने लगती है और रोगी को बहुत असहजता हो सकती है। ब्राज़ील में हुए एक शोध के नतीजे बताते हैं की शाकाहारी आहार को अपनाने से इस रोग के लक्षण कम होने लगते है।

 

डायबिटीज का खतरा कम हो सकता है-

शाकाहारी आहार को कई विशेषज्ञ मधुमेह के घटे खतरे से जोड़कर देखते हैं। कई शोध ये बताते हैं की शाकाहारी दिनचर्या को अपनाने से मधुमेह के उपचार और प्रबंधन में आसानी होती है तथा इसके बढने का खतरा भी आधा हो जाता है।

 

मोतियाबिंद को बढने से रोके-

यूनिवर्सिटी ऑफ़ ऑक्सफ़ोर्ड में हुए शोध दिखाते है की मोतियाबिंद के बढने का खतरा और आहार शैली में बहुत गहरा रिश्ता है। मांसाहारी जहाँ इसके होने की ज्यादा आशंका में जीते हैं वहीं शाकाहारी व्यक्ति मोतियाबिंद होने या बढने की आशंका से दूर रहते हैं।

 

ह्रदयरोग का खतरा घटाए-

शाकाहारी आहारशैली और ह्रदयरोग की घटी आशंका के बीच सीधा सम्बंध देखा जा सकता है। इसका कारण शाकाहारी भोजन में एंटीऑक्सीडेंट की भरमार है। एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल द्वारा उत्पन्न हुए ओक्सीडेटिव तनाव के कारण हुई क्षति को ठीक कर अथेरोस्क्लेरोसिस जैसी बीमारियों से भी बचा सकता है।

 

शाकाहारियों का कोलेस्ट्रोल आम तौर पर कम रहता है-

दरअसल एनिमल फैट या जानवरों से मिली वसा के सेवन से कोई लाभ नहीं होता है। ज़ाहिर है, इस वसा को अपने आहार से हटाकर आप अनचाहे तत्व और इनके दुष्प्रभावों को भी दूर कर सकते हैं। लम्बे समय तक शरीर पर आहार के प्रभाव का अध्ययन करने के बाद कोरियाई विशेषज्ञों ने पाया की शाकाहारी व्यक्ति के शरीर में कम वसा और कोलेस्ट्रोल का कम स्तर देखा जाता है।

 

ह्र्द्यघात और मोटापे की कम आशंका-

बेशक इसमें कुछ अपवाद हो सकते हैं पर आम तौर पर शाकाहारी व्यक्ति अपने आहार के चुनाव में ज्यादा लचीला होता है तथा भावनात्मक कारणों से आहार चुनता या खाता नहीं है। ये दोनों ही आदतें गंभीर मोटापे की जननी होती है। सीधे तौर पर शाकाहारी व्यक्ति ह्रदयघात के खतरे से भी दूर रहता है।

 

पथरी की घटी आशंका-

देखा जाता है की जानवरों से मिलने वाले प्रोटीन की जगह सब्जियों से प्रोटीन लेने से पेशाब का pH बढ़ता है। पेशाब का घटा हुआ pH पथरी का बड़ा कारण होता है जिससे शाकाहारी आहारशैली की मदद से बचा जा सकता है।

 

ये आपको सम्पूर्ण पोषण दे सकता है-

कई लोग मानते है की शाकाहारी व्यक्ति को पोषण की कमी होती है या वे हमेशा भूखे रहते हैं। पर अमेरिकन डाइटिक एसोसिएशन के मुताबिक एक सही समझ से तैयार की गयी शाकाहारी जीवनशैली व्यक्ति में पोषण की सभी ज़रूरतों को पूरा कर उसे स्वस्थ रख सकती है। ये तथ्य सभी पर लागु होता है- बच्चे, बूढ़े और पहलवानों पर भी। बेहतर स्वास्थ्य, बीमारियों का कम खतरा और रोगों का सही प्रबंधन एक शाकाहारी आहार के द्वारा संभव है।