त्वचा पर लाल धब्बे पड़ना हो सकता है स्किन कैंसर, जल्द पहचानें और करें उपचार

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हमारे शरीर की कोशिकाओं में अनियमित वृद्धि होने के कारण त्वचा का कैंसर (skin cancer symptoms in hindi, ayurvedic treatment) होता हैं। जब हमारे शरीर की कोशिकाएँ असामान्य ढंग से विभाजित होने लगती हैं तो इस रोग के होने का खतरा बढ जाता हैं।

त्वचा का कैंसर मुख्यतः तीन प्रकार का होता है।

1) बेसल सेल कार्सिनोमा (basal cell carcinoma)- यह सबसे आम प्रकार का कैंसर होता है। यह शरीर में निचली परत की मूल कोशिकाओं में धीरे धीरे बढकर शरीर के अन्य भागों में फैलता हैं। हमारे शरीर के जिन भागों में सूर्यप्रकाश की किरणें पङती हैं, वहाँ पर पाया जाता है जैसे चेहरा, कान, सिर इत्यादि।

2) सैक्वमस सेल कार्सिनोमा (squamous cell carcinoma) – यह कैंसर त्वचा की ऊपरी परत को प्रभावित करता हैं। यह कैंसर ज्यादातर उन लोंगो को होता है जो लोग अपना ज्यादा समय धूप में बिताते हैं। उजली तथा नीली आंखों वाले लोगों में यह कैंसर पाया जाता हैं।

3) मेलानोमा (melanoma) – यह सबसे घातक प्रकार का कैंसर होता हैं। इसमें गले में सूजन होती हैं, अथवा खुजली महसूस होती हैं। इस प्रकार के कैंसर में त्वचा पर होनेवाले घाव तेजी से बढते हैं तथा कलिया गुलाबी रंग के होते हैं। यदि इस कैंसर का समय रहते ही सही उपचार नहीं किया गया तो यह एक गंभीर समस्या का रूप धारण कर सकती हैं।

त्वचा कैंसर होने पर आपको निम्नलिखित लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

1) शरीर पर खाज या खुजली लंबे समय तक रहना।

2) शरीर पर तिल में बदलाव होना, खुजली होना अथवा खून निकलना।

3) माथा, गाल, हङ्ङी तथा आंखों की आसपास की त्वचा लाल होना तथा उसमें बहुत जलन होना।

4) त्वचा पर धब्बों का छह हफ्तों से ज्यादा रहना।

5) त्वचा पर अत्याधिक लाली आ जाना तथा अत्याधिक जलन होना।

त्वचा कैंसर को नियंत्रित करने के लिए अनेक घरेलू उपाय हैं, जिनकी सहायता से आप इस कर्करोग को कुछ हद तक कम कर सकते हैं। आइये हम उन उपायों को देखें।

1) काली रासबेरी के बीजों का तेल – इसमें anti-oxidant पाये जाने की वजह से कैंसर पैदा करने वाले फ्री रेडिकल्स को खत्म करतें हैं तथा immunity बढाने में सहायक होते हैं, जिससे हम कैंसर से लङ सकते हैं।

2) हल्दी – त्वचा के कैंसर में हल्दी का नियमित सेवन बहुत ही लाभदायक माना गया हैं। हल्दी कैंसर को होने से रोकता हैं तथा कैंसर के सेल्स को मारने में अत्यंत ही प्रभावकारी हैं।

3) विटामिन ‘ङी’ – विटामिन ‘ङी’ की पर्याप्त मात्रा होना हमारे शरीर में अति आवश्यक हैं। उन पदार्थों का सेवन करें जिनमें अधिक से अधिक विटामिन ‘ङी’ पाया जाता हैं। धूप में रोजाना थोङी देर बैठें। विटामिन ‘ङी’ से हमारे शरीर को immunity शक्ति बढाने में तथा स्किन कैंसर से लङने के लिए शरीर को शक्तिशाली बनाने के लिए काफी मदद मिलती हैं।

4) बैंगन – बैंगन खाना बहुत ही लाभप्रद होता हैं। बैंगन की तरह ही अन्य सब्जियाँ भी जैसे टमाटर, आलू, शिमला मिर्च आदि कैंसर के बचाव में काफी प्रभावशाली हैं। बैंगन में मौजूद (solasodine Rhamnosyl Glycodides नामक) तत्व कैंसर की वृद्धी रोकने में मदद करता हैं। इस तत्व का उपयोग आयुर्वेद में भी त्वचा को कैंसर से बचाने की क्रीम बनाने में किया जाता हैं।

5) गर्मियों में तेज धूप में बाहर जाने से पहले सनस्क्रीन क्रीम अथवा लोशन का उपयोग अवश्य करें।

6) नारियल, रासबेरी के बीजों का तेल, बादाम तेल तथा गेहूँ के तेल से त्वचा की नियमित रूप से मालिश करें।

7) ज्यादा मीठे, नमकीन, ज्यादा तले, मसाले वाले, कृत्रिम रूप से मिलनेवाले पदार्थ इन चीजों का प्रयोग न करें। यह सब चीजें खाने से कैंसर का खतरा बढने लगता हैं।

त्वचा के कैंसर के रोग को बढने ना दें। उचित रूप से सावधानियाँ बरतने से इस बीमारी की समस्या का समाधान होना मुमकिन हैं।