अंकुरित गेंहूँ से पाएं वेट लोस के साथ अनगिनत फायदे

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Image Credits: Food to live

हम जिसे अनाज समझते हैं वह असल में एक बीज होता है जो धैर्य के साथ सही तापमान और वातावरण में उगने का इंतज़ार कर रहा होता है। इस बीज के विभिन्न हिस्से पर्याप्त पानी में सक्रीय हो जाते हैं जिससे हमें ज्यादा पोषक तत्वों का लाभ मिलता है। इतना ही नहीं, अंकुरण से अनाज को पचाना और भी आसान हो जाता है।

आइये जानते हैं क्यों गेंहूँ को अंकुरित कर खाना आपको अद्भुत स्वास्थ्य लाभ दे सकता है-

मोटे अनाज से आपका आहार ज्यादा पोषक हो जाता है 

मैदे से बनी ब्रेड में कई फाइबर, विटामिन और मिनरल नहीं होते। अगर आप गेंहूँ को अंकुरित कर इससे ब्रेड बनाते हैं तो गेंहूँ के सम्पूर्ण लाभ तो आपको मिलते ही हैं साथ ही ऐसे तत्व भी मिलते हैं जिन्हें पहले आप पचा नहीं पाते थे। इस तरह आपकी ब्रेड स्वाद के साथ फाइबर, पोषण, विटामिन और मिनरल भी देती है।

वेट लोस में मदद करे तथा सुगर कण्ट्रोल करे 

अंकुरित अनाज से बनी ब्रेड, रोटी या चीला कम कार्ब्स और कैलोरीज लिए हुए होता है इसलिए रक्त में तेज़ी से शक्कर की मात्रा नहीं बढ़ाता। इसमें मौजूद फाइबर आपका पाचन सही करते हैं। अगर आप इसे अपने डाइट प्लान में सही से उपयोग करें तो आप वजन भी कम कर सकते हैं।

पोषक तत्वों से भरपूर 

अंकुरित गेंहूँ प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, फोलेट और बीटा कैरोटीन से भरपूर होते हैं जिन्हें गेंहूँ को पचाने पर भी शरीर अवशोषित नहीं कर पाटा। इस तरह आप कम आहार से ज्यादा पोषण पा सकते हैं। साथ ही अंकुरण से एंटीन्यूट्रीएंट भी कम हो जाते हैं और पोषक तत्वों को हानि नहीं करते।

ज्यादा एंजाइम और कम लेक्टिन 

अंकुरण शुरू होने पर बीज में कई तरह के एंजाइम और लेक्टिन सक्रीय हो जाते हैं जिससे विकास के दौरान पौधे को भोजन मिलता रहता है। इन्हीं एंजाइम की वजह से अनाज को पचा पाना आसान होता है। लेक्टिन बीज को पौधा बनने से रोकने वाले हॉर्मोन होते हैं जो सूखे अनाज में बड़ी मात्रा में मौजूद होते हैं लेकिन अंकुरण के साथ कम होने लगते हैं। इन दोनों कारकों की मदद से ही अनाज का पाचन आसान होता है।

ग्लूटेन की कमी 

गेंहूँ के कुछ दाने चबाकर देखें। कुछ ही देर में ये दाने किसी च्युइंग गम की तरह मुंह में एक गोला बना लेंगे। इसकी वजह गेंहूँ में मौजूद ग्लूटेन है। कई लोगों को इससे एलर्जी होती है वहीं कई लोग डाइट पर होने की वजह से इससे दूर रहते हैं। गेंहूँ के अंकुरित होने पर ग्लूटेन कम हो जाता है जिससे आप इसे बिना किसी दुष्प्रभाव के खा सकते हैं।

कई गंभीर बिमारियों से बचाए 

अंकुरण होने से अनाज में कई एंटीऑक्सीडेंट पैदा हो जाते हैं जिनमें विटामिन C, E और बीटा कैरोटीन शामिल हैं। कई शोध बताते हैं की एंटीऑक्सीडेंट के स्तरों में बढ़ोतरी 450 प्रतिशत तक हो सकती है। इनका सेवन करने से आपके शरीर में फ्री रेडिकल कम होने लगते हैं और कई गंभीर बीमारियाँ आपसे दूर रहती हैं।

आहार में शामिल करना आसान 

भारतीय घरों में अंकुरित अनाज और गेंहूँ का उपयोग, दोनों ही प्रचलित रहे हैं। अगर गेंहूँ को अंकुरित कर आप इसकी रोटियां या ब्रेड बनाते हैं तो आप और भी लाभ पा सकते हैं। इस बदलाव को लाना भी आसान है लेकिन आप चाहें तो बाज़ार से अंकुरित गेंहूँ व् इससे बनी चीज़ें भी चुन सकते हैं।