गर्मी में तेज़ धूप में घूमने से हो सकता है स्किन कैंसर, बचने के लिए करें ये उपाय

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image credits: faxnews.com

गर्मियों में अच्छे मौसम और मज़ेदार गतिविधियों का लुत्फ़ उठाते हुए अपनी त्वचा को ज़रूर याद रखें। दुनियाभर में स्किन कैंसर सबसे ज्यादा व्याप्त कैंसर के प्रकार में से एक है जिसकी वजह से हर साल हजारों लोग प्रभावित हो रहे हैं। सूर्य की पराबैगनी किरणों के सम्पर्क से इस रोग की संभावना कई गुना बढ़ जाती है और गर्मियां इसकी संभावना और भी बढ़ा देती है।

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कुछ आसान से तरीकों को अपनाकर इस संभावना को कम किया जा सकता है-

 

सनस्क्रीन 

सनस्क्रीन खरीदने जा रहे हैं तो लोशन के रूप में उपलब्ध विकल्प खरीदें। इन्हें सही तरह से लगाना आसान है तथा यह भी आसानी से पता लगाया जा सकता है की शरीर के किन हिस्सों पर लोशन नहीं लगा है। गर्मियों में SPF 30 लेने की सलाह दी जाती है जिसे रोजाना घर से निकलने से पहले शरीर के हर खुले हिस्से पर लगाएं। अगर आप पहाड़ी इलाकों में रह रहे हैं तो SPF और भी बढ़ा सकते हैं।

अगर आपके पास विकल्प हो तो ऐसे सनस्क्रीन चुनें जिनपर “ब्रॉड-स्पेक्ट्रम” लिखा हो। यह UVA किरणों से आपकी रक्षा कर झुर्रियों की संभावना भी कम करेंगे।

सनस्क्रीन को भरपूर मात्रा में लगाएं तथा घर से निकलने के 15 मिनट पहले लगा लें। इस तरह घर से निकलने से पहले आपकी त्वचा इसे सोख चुकी होगी। इसके बाद आपको हर कुछ घंटों में इसे दोबारा लगाना चाहिए खासकर जब आपको पसीना आ रहा हो या आप पानी के सम्पर्क में आ रहे हों।

 

खुद को ढंकें 

यह तरीका सनस्क्रीन से भी बेहतर तरीके से प्रभावी ही। आँखों को बचाने के लिए UV फ़िल्टर सुन्ग्लास्सेस पहनें, सिर को बचाने के लिए टोपी लगाएं तथा शरीर के बाकी सभी हिस्से को सूती कपड़े से ढाकें।

आज बाज़ार में ऐसे में कपड़े मौजूद है जो UV किरणों से रक्षा करते हैं। इन्हें UPF रेटिंग के पैमाने पर नापा जाता है जिसने 15 अच्छा तथा 50+ श्रेष्ठ होता है। रोजाना घर से बाहर जाते हैं तो ऐसा कोई कपड़ा चुनें तथा इनका उपयोग करें।

अगर आपके पास यह विशिष्ट कपड़े नहीं है तो विशेषज्ञों के अनुसार आपको गहरे रंग के तंग बुनाई वाले कपड़ों का उपयोग करना चाहिए। ऐसे कपड़े आपको हानिकारक किरणों से तो बचा सकते हैं पर थोड़े असहज भी हो सकते हैं। अपनी क्षमता के अनुसार ही चुनाव करें तथा धुप से बचने के इन्तेजाम करें।

 

समय के साथ चलें 

दिन में 10 से 4 के बीच सूर्य की किरणें सबसे तेज़ होती हैं। अपनी गतिविधियों का समय इस तरह तय करें की आपको इस अवधि के दौरान बाहर न निकलना पड़े। इस तरह UV किरणों से आप बच भी सकते हैं तथा मौसम की गर्माहट और ठंडक दोनों का लुत्फ़ ले सकते हैं। अगर फिर भी आपको इस अवधि के दौरान घर से निकलना हो तो छाया में रहने की कोशिश करें तथा मौसम का पूर्वानुमान भी पता रखें।

 

त्वचा की सुनें 

जितना आप अपने शरीर को समझते हैं उतना कोई और नहीं समझता। समय-समय पर स्व-जांच के द्वारा त्वचा में आ रहे बदलावों को समझें तथा किसी तरह धब्बे उभरने पर इसकी वजह जानने की कोशिश करें। आपकी पीठ, सिर, कान, पलकें आदि ऐसे हिस्से जहाँ आपकी नजर नहीं जाती, पर आ रहे बदलावों को समझने के लिए किसी जान पहचान वाले की मदद लें।

कैंसर के अन्य प्रकारों की तरह ही स्किन कैंसर का सही इलाज इसके शुरुआती दौर में ही होता है। जितना ज्यादा समय यह बिना जांचे रहेगा उतना मुश्किल इसका उपचार भी होगा। इसलिए शरीर पर दिखाई दे रहे धब्बों और बदलावों पर ध्यान दें तथा चिकित्सक से चर्चा भी करें।

 

सूरज की रौशनी से डरना सही नहीं है। यह हमें विटामिन D देती है, हड्डियों को मजबूत रखती है तथा मूड बेहतर करने में मदद करती है। दिन में आधा घंटा धुप में बैठना दरअसल आपकी सेहत के लिए बहुत अच्छा हो सकता है। बस कोशिश करें की तेज़ धुप से हो रही असहजता को आप कभी नज़रंदाज़ न करें।