आयुर्वेद द्वारा सुझाए पानी पीने के नियम

480
drinking water more less health issues
image credit: cdn.mtlblog.com

नींद आना, भूख लगना, प्यास लगना आदि प्राकृतिक इच्छाएँ हमें जीवित रखने के लिए बहुत ज़रूरी होती हैं। (the right way of drinking water as per ayurveda in hindi, pani pine ka sahi tarika hindi) पर मार्केटिंग के इस जमाने में हमें क्या खाना चाहिए या कितना पानी पीना चाहिए, अक्सर हमें ये मुनाफे की चाह रखने वाली कम्पनीयां ही बताती हैं। क्या कोई ऐसा तरीका है जो हमें दुसरे के मुनाफे की जगह हमारी ज़रूरत की जानकारी दे? आइये जानें-

 

कितना पानी पियें?

 

पानी हमारे शरीर का 70 प्रतिशत हिस्सा होता है। शरीर की सभी क्रियाएं सही रूप से चलें, इसके लिए शरीर में पानी के इस स्तर को बनाए रखना बहुत ज़रूरी है। यही वजह है की हमें भरपूर पानी पीने की सलाह दी जाती है। पर यह जानना भी ज़रूरी है की शरीर में ज़रूरत से ज्यादा पानी जाने से सुजन आ सकती है तथा पोषक तत्वों का जटिल संतुलन प्रभावित हो सकता है।

इसी वजह से आयुर्वेद के अनुसार हमें जब भी प्यास लगे तब भरपूर पानी पीना चाहिए। ऐसे में शरीर को जितनी ज़रूरत हो, उतना पानी लेकर बाकी पानी विषाक्त तत्वों के साथ बाहर कर देगा। बार-बार प्यास न लगने पर भी पानी पीना आपकी सेहत के लिए सही नहीं होगा (हालाँकि सुबह उठकर एक से दो गिलास पानी पीना बेहद हितकर होता है )।

इसके अलावा अपने घर की हवा में को शुष्क न होने दें। अंत में, वही आहार खाएं जिनमें 70 प्रतिशत से ज्यादा पानी हो (इसी वजह से ताज़ा फल और सब्जियां खाने की सलाह दी जाती है। )

 

खाने के पहले पानी-

आयुर्वेद के अनुसार खाने के थोड़ी देर पहले पानी पीने से पेट की अग्नि कमजोर हो जाती है और खाना सही से पाच नहीं पाता। यह आदत अपच से लेकर कमजोरी तक की वजह बन सकती है। कोशिश करें की खाने के पहले आधे घंटे में पानी न पियें। अगर आपको दवाई भी लेनी हो तो भी इस अवधि के पहले ही लें।

 

खाने के ठीक बाद पानी 

अक्सर खाने के बाद पानी पीना हमारी आदत में शुमार होता है। ऐसा करने पर भी पेट की अग्नि पर असर पड़ता है और पाचन क्रिया के एंजाइम का प्रभाव कम हो जाता है। ज़ाहिर है, ऐसा करना भी आपको अपच और कमजोरी दे सकता है।

इन सभी परेशानियों के अलावा खाने के बाद पानी पीने से शरीर अतिरिक्त वसा जमाने लगता है तथा विषाक्त तत्व भी जमा करने लगता है। कोशिश करें की खाने के बाद आधे घंटे तक पानी बिल्कुल न पियें।

 

खाते हुए पानी पीना 

खाने के दौरान अगर आपको ज़रूरत लगती है तो थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पियें। आयुर्वेद के अनुसार ऐसा करना अच्छा होता है क्यूंकि पानी आहार को चबाने और बारीक करने में मदद करता है तथा पाचन में सहायता मिलती है। पर ध्यान रखें, पानी बहुत ठंडा न हो नहीं तो पाचन की सारी उर्जा पानी को सामान्य तापमान तक लाने में ही खत्म हो जाएगी।

 

इस तरह आयुर्वेद आपको पानी पीने का सही तरीका बताता है- सुबह उठकर पानी पियें, फिर दिनभर प्यास लगने पर भरपूर पानी पियें। इसके साथ ही खाने के आधे घंटे पहले और बाद में पानी न पियें।