कमरदर्द, अस्थमा व पाचन संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए कीजिए परिवृत त्रिकोणासन योग

931
revolved-triangle-pose
image credits: RitualFlow

त्रिकोणासन का ही एक दिलचस्प रूपांतर परिवृत त्रिकोणासन योगाभ्यास के लाभ दुगने कर देता है। इसके अभ्यास से शरीर सिर्फ त्रिकोण की मुद्रा में नहीं आता बल्कि परिवृत अर्थात घुमा हुआ हो जाता है। इस तरह यह शरीर को अंदर और बाहर से मजबूती देने के कार्य को एक चरण और आगे लेकर जाता है। (yoga for backache, asthma, digestion, paachan kamar dard ke liye yogasan parivratta trikonasana revolved triangle pose)

 

क्या है परिवृत त्रिकोणासन के अभ्यास का तरीका, आइये जानें-

 

  1. ताड़ासन में खड़े हो जाएँ। अब गहरी सांस भरें और सांस छोड़ते हुए पैरों के बीच 3-4 फीट की दुरी बना लें।
  2. अपने हाथों को सामने की ओर फैलाएँ तथा इन्हें अपने दोनों तरफ ज़मीन से समानांतर उठा लें। आपकी हथेलियाँ ज़मीन की ओर रहेंगी।
  3. अपने बाएँ पैर को दाई ओर 45 डिग्री के कोण में मोड़ें तथा दाएँ पैर को दाई ओर 90 डिग्री के कोण में मोड़ लें।
  4. इस अवस्था में खुद को स्थिर करें और कुछ मामूली लेकिन ज़रूरी बदलाव भी करें।
  5. अब सांस छोड़ते हुए अपने धड़ को दाई ओर मोड़ें। इस दौरान आपकी कमर की बाई हड्डी जब दाई ओर जाए तो बाएँ जांघ पर दबाव बनाकर बाएँ पंजे को मुड़ने से रोकें।
  6. दोबारा सांस छोड़ते हुए अपने धड़ को और कोशिश करते हुए दाई ओर लेकर जाएँ तथा अगले पैर की ओर झुक जाएं। अपने बाएँ हाथ को ज़मीन पर रखने का प्रयास करें।
  7. इस मुद्रा में अपना सिर सामान्य अवस्था में बनाए रखने की कोशिश करें। अपने शरीर का ज्यादातर वज़न अपनी एडी और अगले हाथ पर डालने का प्रयास करें।
  8. इस अवस्था में 30-60 सेकंड रुकने का प्रयत्न करें। फिर सांस छोड़ते हुए शरीर के घुमाव को खोलते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएँ। बाई तरफ के लिए भी इस आसन को दोहराएँ।

कमरदर्द के लिए करें यह योग

इस आसान और दिलचस्प आसन के अभ्यास में कुछ सावधानियाँ भी बरती जानी चाहिए। अगर आपको उच्च रक्तचाप, माइग्रेन, दस्त, सिरदर्द या अनिद्रा है तो इस आसन के अभ्यास से बचें।

इसके नियमित अभ्यास से आपको निम्न लाभ होंगे-

 

  • अपच से राहत मिलेगी।
  • पाचन से जुडी समस्याएँ खत्म होगी तथा पाचन क्रिया सुचारू बनेगी।
  • अस्थमा के लक्षणों से निजात मिलेगी। सांस गहरी और उर्जावान बनेगी जिससे शरीर में नई उर्जा का संचार महसूस होगा।
  • कमर के दर्द से आराम मिलेगा। लम्बे समय तक बैठकर काम करने वालों के लिए यह महत्वपूर्ण है।
  • साइटिका के दर्द और लक्षणों से आराम मिलेगा।

पैरों की मजबूती के लिए करें यह योग