बॉडी बिल्डिंग के लिए करें यह 6 योगासन

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ज़्यादातर लोगों के लिए ये यकीन करना मुश्किल है की बिना भारी वज़न उठाए तथा मांसपेशी के वजन बढ़ाने की दवा लिए भी सुगठित शरीर पाया जाता है। (yoga good for bodybuilding) और अगर योगासन से बॉडी बिल्डिंग की बात कहें तो विश्वास करना और भी मुश्किल हो जाता है। पर ऐसा मुमकिन है और इसका कारण भी बहुत ही सीधा है।

 

सही तरह के योगासन के अभ्यास से आपके शरीर में मांसपेशियों का वजन बढने लगता है। इतना ही नहीं, ये आसन पारम्परिक बॉडी बिल्डिंग व्यायामों से भी ज्यादा असर दिखाते हैं। इसकी वजह ये है की आसन के अभ्यास के दौरान पुरे समय मांसपेशियों में तनाव बना रहता है वहीं पारंपरिक व्यायामों में ये तनाव थोड़े ही समय के लिए बनता है।

 

तो बिना देरी किए, आइये जानते हैं की बॉडी बिल्डिंग के लिए आदर्श योगासन कौनसे हैं-

 

उत्कटासन

अगर आप अपने शरीर के निचले हिस्से की मजबूती बढ़ाना चाहते हैं तो रोजाना इस आसन को अपनी रूटीन में शामिल कर लें। ये आपके पैरों की सभी मांसपेशियों में तनाव पैदा करता है तथा पेट की मांसपेशियों को भी मजबूत बनाता है।

इसकी विधि बहुत ही साधारण है। सीधे खड़े हो जाएँ। दोनों हाथों को सीधा कर सामने की ओर या ऊपर की ओर उठाएं। अब धीरे से अपने घुटनों को मोड़ें तथा किसी चेयर की मुद्रा में आ जाएँ।

इस आसन को 60 सेकंड ही कर लेने से कुछ हफ्तों में आपको आपके मनचाहे सुडोल पैर मिल जाएँगे।

 

विर्भद्रासन iii-

इसके अभ्यास के लिए सीधे खड़े हो जाएँ । अब दोनों हाथों को ऊपर की ओर सीधा करें अब दाएँ पैर पर पूरा वजन डालते हुए बाएं पैर को भार मुक्त कर दें । धीरे-धीरे सामने की ओर झुकें तथा बाएं पैर को सीधा रखते हुए पीछे की ओर ले जाएं।

ये आसन आपके पुरे शरीर की ताकत की परीक्षा लेता है। इसमें आपको अपने एक पैर को हवा में उठाकर दुसरे पैर को लचीलेपन की सीमा तक टिकाना होता है तथा पंजों को छुते हुए हाथ और पैर से संतुलन भी बनाना होता है। इस दौरान सांस को सामान्य गति से लेना भी ज़रूरी होता है नहीं तो इस आसन में कुछ सेकंड से ज्यादा टिकना मुमकिन नहीं है। इस आसन के पहले वार्म-अप करना कभी न भूलें। इस आसन को शुरुआत में 30 सेकंड की अवधि के लिए करें, फिर इस अवधि को बढ़ाने की कोशिश करें।

 

फालाकासन-

फालाकासन या प्लांक किसी भी तरह की फिटनेस रूटीन का प्रमुख हिस्सा होता है। ये आपके शरीर के ऊपरी भाग की ताकत के साथ ही कोर स्ट्रेंथ भी बढ़ाता है। इसे जितने ज्यादा देर के लिए किया जाए फायदे उतने ही ज्यादा होंगे। इसलिए 30 सेकंड से शुरू करें तथा इसके अभ्यास की अवधि बढ़ाकर हर हफ्ते नए रिकॉर्ड बनाएँ।

 

बकासन-

ये एक बहुत ही मुश्किल आसन है जिसमे आपके शरीर का पूरा वजन आपके हाथों पर टिका रहता है। ये शरीर के उपरी भाग की ताकत बढ़ाने में बहुत प्रभावी है।

इसके अभ्यास के लिए दंड में बैठ जाएँ। अपने दोनों हाथों को सामने ज़मीन पर बहुत मजबूती से रखें। कोहनियों को थोड़ा मोड़ें तथा घुटनों को कोहनी से टिकाकर शरीर के निचले भाग को हवा में उठाने की कोशिश करें। इसे 30 सेकंड के लिए करें तथा समय के साथ इस अवधि को बढाएं। पर ध्यान रखें, इस आसन को गलत करने से आपको गंभीर चोटें भी लग सकती है। इसलिए बेहद सावधानी बरतें या मार्गदर्शन लें।

 

उत्कट कोणासन-

ये आसन आपके टखनों की मांसपेशियों में तनाव पैदा करता है। कूल्हों और कोर के लिए भी इस आसन का खास महत्व है। इस आसन में आपको दोनों पैरों में 4 फीट की दुरी बनानी होती है। फिर घुटने मोड़कर मजबूती से खड़ा होना होता है। इस समय आप हाथ ऊपर या प्रणाम की मुद्रा में रख सकते हैं। इस आसन को 30 सेकंड तक करें, फिर हफ्ते दर हफ्ते इस अवधि को बढाएं।

 

अर्धपिंच मयूरासन-

बॉडी बिल्डिंग में कंधे और पीठ को भूलना बहुत बड़ी गलती हो सकती है। मांसपेशियों का बढ़ता वज़न संभालने के लिए इस आसन को अपनाकर कंधों को मजबूत बनाया जा सकता है। साथ ही ये आसन आपके कंधों को लचीला बनाता है जिससे आपको शीर्षासन, बकासन या हाथों के बल वजन उठाने वाले अन्य आसनों का अभ्यास आसान हो जाता है। इस लचीलेपन के बिना आपको योगाभ्यास में चोट लग सकती है इसलिए इस आसन का अभ्यास ज़रूर करें।

इसके अभ्यास के लिए घुटनों के बल बैठ जाएँ। इसके बाद हाथों को कोहनी तक ज़मीन पर रखें। आपके कंधे ओर कोहनी एक सीध में होने चाहिए। अब एक के बाद एक अपने कमर, कूल्हों और घुटनों को ऊपर की ओर उठाएं। आप अब अपने हाथ और पैर के पंजों के बल इस अवस्था में होंगे की आपका शरीर ‘V’ की मुद्रा में दिखेगा। इस अवस्था में 30 सेकंड से एक मिनट तक रहें।

 

ये 6 आसन आपके शरीर को ताकत, लचीलापन, नियन्त्रण, संतुलन और मांसपेशियों का बढ़ा वजन देंगे। अभ्यास में किसी तरह की मुश्किल का सामना करें तो इनके बारे में विस्तार से ज़रूर पढ़ें।